Siwan : इन 9500 परिवारों के त्योहार पर ग्रहण, महीनों से परेशान शिक्षक कर्ज लेने पर मजबूर, विभाग को सुध नहीं

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रिपोर्ट – अंकित कुमार सिंह

सिवान. ज़िले के 19 प्रखंडों के प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में कार्यरत लगभग 9500 शिक्षकों के वेतन भुगतान पर ग्रहण लग गया है. आशंका यह भी है कि दशहरे तक भी इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिल सकेगा. समस्या इसलिए बड़ी है क्योंकि विभागीय लापरवाही के कारण 3 माह का मानदेय अटका हुआ है. विभाग के लचर रवैये के चलते इन शिक्षकों पर घर चलाने का संकट पैदा हो चुका है और कर्ज लेकर किसी तरह गुज़र बसर कर पा रहे हैं.

इन हज़ारों शिक्षकों को मानदेय का भुगतान समग्र शिक्षा अभियान ही करता रहा है. व्यवस्था यह है कि उपस्थिति विवरण शिक्षक अपने मूल बीआरसी कार्यालय में देते हैं. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थिति रिपोर्ट की जांच कर ज़िला शिक्षा विभाग को सौंपते हैं. फिर समग्र शिक्षा अभियान रिपोर्ट के अनुसार मानदेय जारी करता है. इन शिक्षकों को उम्मीद थी कि जितिया पर्व पर मानदेय मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब दशहरे तक भी उम्मीद नहीं दिख रही क्योंकि राज्य से ज़िला मुख्यालय में वेतन मद में राशि आवंटन नहीं आया है.

बताया जा रहा है कि सितंबर के पहले हफ्ते में राज्य सरकार ने वेतन की राशि जारी कर दी थी, लेकिन दो हफ्ते बाद तक भी ज़िला मुख्यालय तक यह रकम नहीं पहुंची है. अब शिक्षकों के सामने कर्ज़ देने वाले तकाज़ा कर रहे हैं, तो 26 सितंबर से शुरू हुए दशहरे के त्योहर को लेकर उनकी योजनाएं भी फीकी पड़ रही हैं.

बैंक से आ रहे काॅल, क्या कह रहे ज़िम्मेदार?

जुलाई से ही शिक्षकों को वेतन नहीं मिल सका है. इन हज़ारों में से कई शिक्षकों ने बैंकों से लोन लिया है. उन्हें हर महीने ईएमआई के लिए बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी फोन कर रहे हैं. गरीबी में आटा गीला होने की स्थिति यह है कि वेतन न मिलने से जमा नहीं हो पा रही कर्ज़ की किश्त पर ब्याज और लेट फीस का बोझ भी बढ़ रहा है.

इस मामले में सिवान के ज़िला शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश कुमार सिंह ने न्यूज़ 18 लोकल को बताया कि शिक्षकों के वेतन मद की राशि का आवंटन आने के बाद ही भुगतान हो पाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग सजग है और लगातार कोशिश कर रहा है. हालांकि सिंह ने अलॉटमेंट आने और शिक्षकों को भुगतान हो पाने का कोई समय नहीं बताया.

Tags: Education Department, Siwan news



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