Rajasthan News: धौलपुर में दो गुना हुई एड्स मरीजों की संख्या, रेड जोन में यह जिला

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रिपोर्ट- दयाशंकर शर्मा

धौलपुर. गंभीर रोगों में शामिल एड्स को लेकर धौलपुर जिले में खतरे की घंटी बज गई है. जिले में तेजी से एड्स रोग पैर पसारने लगा है. स्थिति ये है कि पिछले 2 साल में ही जिले में एड्स मरीजों की संख्या 2 गुना हो गई है. स्थिति बेहद गंभीर और चिंताजनक इसलिए भी है कि एड्स के इन मरीजों में करीब आधी महिलाएं भी शामिल हैं. आपको बता दें कि धौलपुर जिले में एड्स रोग पैर पसार रहा है. यह एक चिंताजनक स्थिति है. इसके फैलाव और संक्रमण को रोकने के लिए जितनी इलाज की आवश्यकता है, उससे कहीं ज्यादा लोगों में जागरूकता और बचाव के उपायों को अपनाने की आवश्यकता है.

एड्स के बढ़ने का एक प्रमुख कारण यह भी है कि लोग इसकी जांच कराने से डरते हैं और इसमें अपनी सामाजिक बदनामी समझते हैं. लेकिन सच ये है कि किसी को एड्स होने पर उसकी पूरी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाती है और इसे किसी को नहीं बताया जा सकता. यदि समय पर मरीज इसकी जांच करा ले तो इसका इलाज भी संभव है और अपनी पूरी जिंदगी सामान्य तरीके से जी सकता है.

रेड जोन में आता है धौलपुर
जिला अस्पताल धौलपुर के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार ने बताया कि धौलपुर जिला एड्स रोग के मामले में रेड जोन में आता है. जिसका प्रमुख कारण यहां 2 रेड लाइट एरिया धीमरी का पुरा और मनियां कस्बे का कुछ हिस्सा शामिल है. इसके अलावा यहां से नेशनल हाईवे का गुजरना और जिले के लोगों का बड़ी संख्या में बाहर कार्य करना है. क्योंकि बाहर रहने वाले लोग अपनी शारीरिक इच्छाओं की पूर्ति के लिए असुरक्षित यौन संबंध बनाते हैं, जिससे एड्स का संक्रमण फैलता है.

जानें एड्स रोग के प्रमुख लक्षण

जिला अस्पताल धौलपुर के एआरटी सेंटर की इंचार्ज डॉ. अदिति सिकरवार ने बताया कि 2 माह से ज्यादा समय से दस्त होना, लगातार बजन घटना, काफी समय से बुखार रहना और जांच में कुछ भी नहीं आना आदि एड्स के लक्षण हैं. डॉ. अदिति ने धौलपुर जिले वासियों से अपील कि है कि इस तरह के लक्षण किसी भी पुरुष में दिखाई दें तो वे तुरंत जिला अस्पताल धौलपुर के आउटडोर स्थित कमरा नंबर 27 में आईसीटीसी लेब में जांच कराएं, वहीं किसी महिला में ये लक्षण है तो पीपीटीसीटी लैब मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संस्थान जिला अस्पताल धौलपुर में गायनी ओपीडी के ठीक बगल से तुरंत जांच कराएं. मरीजों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी.

एड्स रोग होने के प्रमुख कारण
असुरक्षित यौन संबंध एड्स का प्रमुख कारण है. इसके अलावा गर्भवती मां से बच्चे में एक ही ब्लड से शेविंग बनवाने या बनाने से, 1 ही सिरिंज का उपयोग करने से भी एड्स रोग फैलता है. डॉक्टर अदिति ने लोगों से अपील कि असुरक्षित यौन संबंध स्थापित ना करें, इसके बचाव के लिए कंडोम का इस्तेमाल करें. एक ही ब्लड से शेविंग ना बनाएं और ना बनवाए, एक ही सिरिंज का उपयोग ना करें.

लोग घबराए नहीं, एड्स अब लाइलाज बीमारी नहीं
जिन लोगों में एड्स के सम्भावित लक्षण हैं या जिनमें रोग की पुष्टि हो चुकी है, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है. क्योंकि अब एड्स लाइलाज बीमारी नहीं रहा, इसका इलाज संभव है. यदि समय से कोई मरीज इसकी जांच कराता है और उसमें एड्स होने की पुष्टि होती है तो उसे केवल एक गोली रोज खानी होती है. जिससे वह अपना पूरी जिंदगी सामान्य तरीके से जी सकता है.

वहीं यदि किसी गर्भवती महिला को एड्स है तो उससे पैदा होने वाले बच्चे को इलाज से पूरी तरह एड्स के संक्रमण से बचाया जा सकता है.

Tags: Aids, AIIMS Study, Department of Health, Dholpur news, Rajasthan news



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