Rajasthan BJP: खींचतान के बीच सतीश पूनिया ने पूरी की जन आशीष यात्रा, विरोधियों को दिया ये जवाब

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हाइलाइट्स

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने इशारों में प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधा
सीएम चेहरे को लेकर वर्चस्व की लड़ाई आने वाले दिनों में और बढ़ेगी

जयपुर. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish poonia) ने जोधपुर में हुये पार्टी के बड़े आयोजन के तत्काल बाद यात्रा निकालकर यह साबित कर दिया कि उन्हें हल्के में लेना भूल साबित हो सकती है. एक ओर पूनिया ने यात्रा (Yatra of Poonia) निकाली और दूसरी तरफ अपने विरोधियों पर शब्दों के सांकेतिक वार भी किए. उन्होंने कहा कि मैं तो अकेले ही चला था, जानिबे मंजिल मगर, लोग जुड़ते गये और कारवां बनता गया. बीजेपी की जो यात्रा पहले गाजे-बाजे के साथ शुरू होनी थी वो अचानक सन्नाटे में सम्पन्न हुई. केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की यात्रा से पहले पूनिया का जन आशीष यात्रा निकालना पार्टी के दिग्गजों को रास नहीं आया. शिकायत दिल्ली दरबार तक पहुंची तो पूनिया को यात्रा टालनी पड़ी.

जोधपुर में पूनिया के नेतृत्व को वसुंधरा राजे खुलकर चुनौती देती नजर आईं. शाह के सामने राजे ने यहां तक कहा कि पार्टी को एकजुट होना होगा. नेताओं की प्रेस कांफ्रेंस करने भर से हम जनता से नहीं जुड़ पायेंगे. उनका सीधा-सीधा निशाना पूनिया पर और उनके विरोधियों पर था. पूनिया ने विरोध के चलते शाह के दौरे से पहले यात्रा स्थगित तो कर ली, लेकिन जिद के पक्के पूनिया ने उनके जाने के बाद यात्रा निकाली.

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जन आशीष यात्रा पर अकेले ही निकले पूनिया

रविवार की सुबह पूनिया ने जोधपुर में अमित शाह को विदाई दी. उसके बाद जोधपुर में ही सांसद पीपी चौधरी के घर तमाम नेताओं के साथ चाय पी. फिर अचानक बिना किसी को सूचना दिये रामदेवरा की ओर निकल पड़े. पदयात्रा शुरू करते ही ट्वीट किया, “सफर में धूप तो होगी, जो चल सको तो चलो. सभी हैं भीड़ में तुम भी, निकल सको तो चलो. किसी के वास्ते राहें कहां बदलती हैं, तुम अपने आपको खुद ही बदल सको तो चलो”.

मन्नत मांगी थी, पूरी होने पर किए बाबा के दर्शन

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पूनिया के कदम चले तो कारवां भी बढ़ता गया. पोकरण से बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ चुके संत प्रतापपुरी महाराज और पूर्व विधायक शैतान सिंह भी यात्रा में उनके साथ कदम से कदम मिलाते नजर आये. पोकरण जोधपुर संसदीय सीट का हिस्सा है. इसलिए पहले यही माना जा रहा था कि गजेंद्र सिंह शेखावत भी साथ आयेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बार पूनिया भी अकेले ही पहुंचे. इसे लेकर पार्टी के कद्दावर नेता ज्यादा कुछ बोलने को तैयार नहीं है. गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि उन्होंने मन्नत मांगी थी. पूरी होने पर बाबा के दर्शन किये हैं. इसमें राजनीति जैसी कोई बात ही नहीं है.

पूनिया ने धार्मिक यात्रा के जरिये एक तीर से कई निशाने साधे

दरअसल, पूनिया धार्मिक यात्राओं के जरिये अपनी सियासी यात्रा को और आगे बढ़ाना चाहते हैं. पहले आदिवासी अंचल में त्रिपुरा सुंदरी से लेकर बेणेश्वर तक पैंतालीस किलोमीटर पैदल चले. अब पोकरण से रामदेवरा तक की 11 किलोमीटर की धार्मिक पदयात्रा कर एक ही तीर से कई निशाने साध दिये. पार्टी में उनके नेतृत्व से परेशान रहने वालों को उन्होंने साफ-साफ संदेश भी दे दिया है कि उनके नेतृत्व पर सवाल उठाने वाले किसी मुगालते में न रहें. वो कार्यकर्ताओं के नेता भी हैं और आलाकमान का उन पर आशीर्वाद भी है. इसलिए वो पार्टी को मजबूत करने के बारे में जो भी सोचेंगे, उसे धरातल पर उतारने की कोशिश जरूर करेंगे. पूनिया का चंद नेताओं के साथ यात्रा निकालने से ये संदेश जरूर गया है कि पार्टी के भीतर हालात सामान्य नहीं हैं. सीएम चेहरे को लेकर वर्चस्व की लड़ाई आने वाले दिनों में कम होने के बजाय और ज्यादा बढ़ने वाली है.

Tags: Home Minister Amit Shah, Jaipur news, Politics news, Rajasthan news in hindi, Satish Poonia, Vasundhara raje



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