Cuttputlli Movie Review: अक्षय कुमार की ये क्राइम-थ्र‍िलर बांधे रखेगी, सरगुन मेहता हैं-थोड़े में ज्‍यादा का मजा

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Cuttputlli Movie Review Today in Hindi: अक्षय कुमार, रकुलप्रीत स‍िंह और सरगुण मेहता स्‍टारर‍ फिल्‍म ‘कटपुतली’ ड‍िज्‍नी प्‍लस हॉटस्‍टार पर र‍िलीज हो चुकी है. अक्षय कुमार इस क्राइम म‍िस्‍ट्री थ्र‍िलर में लंबे समय बाद एकबार फिर वापसी करते द‍िख रहे हैं. वापसी इसल‍िए, क्‍योंकि ‘ह‍िट मशीन’ कहलाने वाले अक्षय के लिए ये साल ठंडा साब‍ित हुआ है. लेकिन अपनी तीन ठंडी फिल्‍मों के बाद न‍िराश हुए फैंस के लिए अक्षय की ये चौथी पेशकश एक अच्‍छा ग‍िफ्ट साबित होगी. इस फिल्‍म में अक्षय का डायलॉग है, ‘कहानी वहीं खत्‍म होगी, न उससे पहले न उसके बाद.’ ये फ‍िल्‍म भी उसी अंदाज में बनाई गई है, ज‍िसने ऑर‍िजनल कहानी से ‘जबरदस्‍ती की क्रिएट‍िव‍िटी’ के नाम पर कोई बदलाव नहीं क‍िया है. हालांकि ह‍िंदी ऑड‍ियंस को ह‍िसाब से माहौल जरूर तैयार क‍िया गया है.

ये कहानी है कसौली की जहां क्राइम के नाम पर बस छोटी-मोटी चोर‍ियां ही होती हैं. लेकिन अचानक इस शहर में एक लड़की मि‍स‍िंग होती है और 2 द‍िन बाद उसकी लाश म‍िलती है. पुल‍िस को शुरुआत में यह स‍िर्फ क‍िडनैप‍िंग का केस लगता है लेकिन फिर उन्‍हें ऐहसास होता है कि इस शहर में एक सीरियल क‍िलर आ चुका है और ये एहसास कराने का काम करते हैं साइकोपैथ क्राइम थ्र‍िलर फिल्‍म की कहानी पर फ‍िल्‍म बनाने का जुनून छोड़ पुल‍िस फोर्स में भर्ती हुए अर्जन सेठी (अक्षय कुमार). अब अर्जन अपनी पुरानी नॉलेज का इस्‍तेमाल कर इस केस को सॉल्‍व कर पाते हैं या नहीं, ये जानने के ल‍िए आपको फिल्‍म देखनी होगी.

इस फिल्म पर बात करने से पहले ये बताना बेहद जरूरी हो जाता है कि ‘कठपुतली’ साउथ की फिल्म ‘रतनसन’ का अडेप्शन है. ये जरूरी इसल‍िए है क्‍योंकि ‘रतनसन’ एक जबरदस्‍त ह‍िट फिल्‍म रही है और इसका अपना ही एक फैनबेस है. ऐसे में अगर ‘कठपुतली’ जरा भी ढीली पड़ती है तो दर्शक इसे तुरंत ‘फेल’ घोष‍ित कर देंगे. लेकिन ‘पूजा एंटरटेनमेंट’ की इस फ‍िल्‍म ने एक क्राइम थ्र‍िलर के रूप में अपना एसेंस बचाकर रखने की पूरी कोशिश की है. फिल्‍म की तुलना होता लाजमी है लेकिन अक्षय कुमार की ये फिल्‍म आपको अपनी सीट्स पर बांधे रखने के पूरी तरह काबिल है. कंटेंट और स्‍टाइल का मजेदार कॉम्‍ब‍िनेशन के साथ ये फिल्‍म शुरुआत में थोड़े हल्‍के-फुल्‍के अंदाज से शुरू होती है, लेकिन धीरे-धीरे कहानी अपना पेस पकड़ लेती है. अक्षय कुमार इस साल अपनी र‍िलीज तीनों फिल्‍मों से दर्शकों को ज्‍यादा इंप्रैस नहीं कर पाए और ‘कठपुतली’ उनकी नई कोशिश है जो दर्शकों को जरूर पसंद आएगी. ये फिल्‍म ‘रतनसन’ का अडेप्‍टेशन है पर न‍िर्देशक ने क्‍लाइमैक्‍स को कुछ हद तक बदलने की कोशिश की है.

एक्टिंग की बात करें तो अक्षय कुमार अपने अंदाज से इंप्रैस करते हैं. वहीं रकुल प्रीत स‍िंह फिल्‍म में वेल्‍यूऐड करती हुई नजर आई हैं. दोनों की केम‍िस्‍ट्री मजेदार रही है. लेकिन अगर अपने कम सीन होने के बाद भी अगर आपको कोई इंप्रैस करता है तो वह हैं सरगुन मेहता. वो एक व‍िज्ञापन की फेमस लाइन है न, ‘थोड़े में ज्‍यादा का मजा’, सरगुन ने इस फ‍िल्‍म में वही काम क‍िया है. सरगुन ज‍िस भी सीन में पर्दे पर रही हैं, जबरदस्‍त रही हैं. चंद्रचूड़ स‍िंह भी पर्दे पर काफी लंबे समय बाद नजर आए हैं तो अच्‍छे रहे हैं. लेकिन कॉमेड‍ियन-एक्‍टर गुग्‍गी को ज‍िस तरह से इस फिल्‍म में ‘बर्बाद’ क‍िया गया है, उससे मैं काफी न‍िराश हूं.

स्‍क्रीनप्‍ले अच्‍छा है और इंगेज‍िंग भी. न‍िर्देशक रंजीत एम तिवारी की इस फिल्‍म से शुरुआत से ही आप कहानी से जुड़ते चले जाते हैं. अक्षय कुमार रंजीत के साथ दूसरी बार काम कर रहे हैं. इससे पहले दोनों ने फिल्म ‘बेलबॉटम’ में साथ काम किया था. इस साल अक्षय की पर्दे पर प्र‍िजेंस काफी ठंडी रही है लेकिन ‘कठपुतली’ उनके न‍िराश फैंस को काफी खुश कर देगी. वहीं सरगुम मेहता की मजेदार परफॉर्मेंस इस फिल्‍म को एक Must Watch फिल्‍म बनाती है. मेरी तरफ से इस फिल्‍म को 4 स्‍टार. (आधा स्‍टार सरगुण मेहता के थोड़े पर असरदार रोल के ल‍िए).

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

Tags: Akshay kumar



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