Bihar Weather Update: बिहार के कई हिस्‍सों में सुबह-सुबह छाए काले बादल, तेज ठंडी हवाओं से मौसम खुशगवार

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पटना. बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल काफी ढीली पड़ गई है. मौसम विशेषज्ञ इसकी बहुत सारी वजहें बता रहे हैं. इस बार के मानसून सीजन में बंगाल की खाड़ी में चक्रवात न उठने की वजह से भी मानसून जोर नहीं पकड़ सका. इससे पूरा पूर्वी भारत प्रभावित हुआ है. बिहार भी इससे अछूता नहीं रह सका. मानसून के बिहार में प्रवेश करते ही शुरुआत में प्रदेश के विभिन्‍न हिस्‍सों में अच्‍छी बारिश रिकॉर्ड की गई, लेकिन उसके बाद कुछ हफ्तों तक बिल्‍कुल भी बारिश नहीं हुई. इस दौरान तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे. इसके बाद फिर कुछ दिनों तक बारिश का माहौल बना रहा. हालांकि, लोग मूसलाधार मानसूनी बारिश के लिए तरसते रहे. अब एक बार फिर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बिहार में धीमी हो गई है. इस वजह से भारतीय मौसम विभाग ने फिलहाल प्रदेश में अच्‍छी बारिश की संभावना न के बराबर जताई है.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 14 अगस्‍त 2022 तक के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विज्ञानियों ने आने वाले 3-4 दिनों तक बिहार में अच्‍छी बारिश न होने की बात कही है. आईएमडी के ताजा पूर्वानुमानों में 14 अगस्‍त तक छिटपुट बारिश होने की संभावना जताई गई है. इस दौरान अच्‍छी बारिश होने की गुंजाइश नहीं है. इस बार के मानसून में प्रदेश में मूसलाधार बारिश काफी कम रिकॉर्ड की गई है. इसका असर खेतीबारी पर स्‍पष्‍ट तौर पर दिखने लगा है. मानसून के सीजन में बिहार में धान की खेती व्‍यापक पैमाने पर की जाती है. धान की खेती के लिए पर्याप्‍त मात्रा में पानी की जरूरत होती है जो अच्‍छी बारिश से ही संभव है. इस बार मानसून की बेरुखी के कारण धान की खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है. धान की रोपाई के रकबे में भी पिछले साल के मुकाबले कमी दर्ज की गई है.

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मानसून की रफ्तार धीमी
दक्षिण-पश्चिम मानसून का बिहर में प्रवेश सीमांचल के जरिये हुआ था. इसके असर से शुरुआत में प्रदेश के विभिन्‍न हिस्‍सों में अच्‍छी बारिश रिकॉर्ड की गई थी, लेकिन उसके बाद मानसून की रफ्तार धीरे-धीरे कम होती गई. बीच में तो कुछ सप्‍ताह तक बारिश ही नहीं हुई. दूसरी तरफ, तेज धूप से किसानों के साथ ही आमलोगों की समस्‍याएं भी काफी बढ़ गई थीं. एक तरफ जहां खेतीबारी का काम पटरी से उतर गया था, वहीं दूसरी तरफ उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था. इसके बाद बीच में बारिश हुई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली थी. अब एक बार फिर से अच्‍छी बारिश की संभावना न के बराबर जताई गई है.

उत्‍तरी बिहार के कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
बिहार की सीमा से लगते पड़ोसी देश नेपाल में लगातार मूसलाधार बारिश होने से सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए. लोगों को अपना घरबार छोड़ कर सुरक्षित स्‍थानों के लिए पलायन करना पड़ा. बाढ़ का पानी घरों में घुस गया. साथ ही सड़कें और खेत पानी में डूब गए थे. बारिश में कमी आने पर अब हालात धीरे-धीरे सामान्‍य हो रहे हैं.

Tags: Bihar weather, IMD forecast



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