2 महीने से पानी मे डूबा यह मंदिर, न पूजा हो रही न ही दर्शन करने जा पा रहे भक्त, देखें- Video

0
14


मुकुल परिहार/जोधपुर. राजस्थान के जोधपुर में पिछले 2 माह पूर्व हुए अच्छे मानसून के बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जलभराव की भारी समस्या देखने को मिली थी. शहर के कई क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा उन क्षेत्रों का भी सर्वे करवाया गया जहां अधिक जलभराव के कारण आमजन प्रभावित हो रहे थे. वहीं भीतरी शहर के चांदपोल के पास स्थित गोवर्धन तालाब के पास बने प्राचीन महादेव मंदिर आज भी पूर्ण रूप से जलमग्न है. जहां 2 माह से इस मंदिर में न तो पूजा पाठ हो पाई है और ना ही दर्शनार्थी मंदिर में प्रवेश कर पा रहे हैं. नगर निगम (उत्तर) के जिम्मेदारों के गैर जिम्मेदाराना रवैया का खामियाजा आमजन की भावना को प्रभावित करता दिख रहा है.

स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले 2 माह से इस मंदिर में पूजा पाठ नहीं हो पाई है. मजबूरी में मंदिर से 200 मीटर दूर ही उन्हें दीप अगरबत्ती कर महादेव की आराधना करना पड़ रहा है. वहीं इस शिव मंदिर में बने गुफा के अंदर देवी मां का भी प्राचीन मंदिर है जो भी पूर्ण रूप से जलमग्न हो रखा है. नगर निगम ना तो पंप लगाकर इस जल भराव से आमजन को निजात दिला पा रहा है और ना ही दर्शनार्थियों की भावना को कद्र कर रहा है.क्षेत्रवासियों का कहना है कि हमने पूर्व में भी कई मर्तबा नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और वार्ड प्रभारियों को इस समस्या से अवगत करवा चुके हैं. बावजूद इस समस्या को बहाल करने में असमर्थता जाहिर कर रहे हैं.

इनका यह कहना
मंदिर के पास ही रहने वाले बुजुर्ग घनश्याम का कहना है कि वह कई वर्षों से इस मंदिर में पूजा करते आ रहे हैं. इस बार भारी बारिश के कारण 2 माह से मंदिर जलमग्न है. जिसके कारण वह मंदिर में दर्शन नहीं कर पा रहे है. उन्होंने नगर निगम प्रशासन से भी मांग की कि वह इस पानी को पंप लगाकर खाली करवाएं, जिससे दर्शनार्थी मंदिर में जा कर पूजा अर्चना कर सकें.

मन्दिर से 1 किमी दूर बस्ती से पंप लगा निकाला था पानी
इस मंदिर से 1 किलोमीटर दूर खरबूजा बावड़ी के पास बनी बस्ती में भी भारी बरसात के कारण जलभराव हो गया था. जहां नगर निगम उत्तर ने दिल्ली से पंप मंगवा कर यह भरे पानी को खाली करवाया था. वहीं अब 2 माह बाद भी इस मंदिर में भरे जलभराव को खाली करवाने में नगर निगम अपनी जिम्मेवारी से भागता दिख रहा है.

7 से 12 फिट तक भरा है पानी
इस प्राचीन मंदिर में तकरीबन 7 से 12 फीट तक जलभराव है. कहीं मंदिर तो पूर्ण जलमग्न हो चुके हैं जहां एकबारगी मंदिर में जाने के लिए नाव के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है. नगर निगम उत्तर के गोर्धन तालाब के पास बने मंदिर में जलभराव के कारण जमा पानी की निकासी के लिए वार्ड प्रभारी मुकेश का कहना है कि यह मामला उनके संज्ञान में है. उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवा दिया गया है, अति शीघ्र मंदिर परिसर के पास भरे पानी को निकाल दिया जाएगा.

Tags: Jodhpur News, Rajasthan news



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here