शरीर के अंगों पर पड़ता है राशि और ग्रहों का शुभ-अशुभ प्रभाव

0
21


हाइलाइट्स

ज्योतिष शास्त्र में राहु को अशुभ ग्रह माना जाता है.
केतु ग्रह का प्रभाव गले से लेकर दिल तक पर पड़ता है.

Astrology: हम सभी जानते हैं कि हमारे सौरमंडल में 9 ग्रह होते हैं और ज्योतिष के अनुसार इन 9 ग्रहों का हमारे जीवन में किसी न किसी रूप में प्रभाव देखने को मिलता है. यह ग्रह न केवल इंसानों पर बल्कि पृथ्वी पर पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्रजाति, खनिज, और पेड़-पौधों पर भी प्रभाव डालते हैं. सौरमंडल में मौजूद प्रत्येक ग्रह मनुष्यों के शरीर के किसी न किसी अंग को प्रभावित करते है.

यदि हम यह जान लें कि शरीर का कौन सा हिस्सा किस ग्रह के प्रभाव से युक्त है तो हम उस ग्रह से जुड़े उपाय कर उसके बुरे प्रभाव को ठीक कर सकते हैं. आइए जानते हैं ज्योतिष और पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि कौनसा ग्रह शरीर के कौन से हिस्से को प्रभावित करता है.

कौन सा ग्रह शरीर के कौन से हिस्से को करता है प्रभावित?

सूर्य
ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि सूर्य का स्थान मानव शरीर के मस्तिष्क में होता है. हिन्दू पौराणिक मान्यताओं की मानें तो मस्तिष्क पर सूर्य का आधिपत्य माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य, मेष राशि में उच्च का हो तो वह व्यक्ति को शुभ फल प्रदान करता है लेकिन यदि सूर्य तुला राशि में नीच का हो तो यह अशुभ फल देता है.

यह भी पढ़ें – Astro Tips: आपको भी आते हैं बुरे सपने तो इन सरल ज्योतिष उपायों से पाएं छुटकारा

चंद्र
चंद्रमा का प्रभाव मानव शरीर में मन और इच्छाशक्ति पर पड़ता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चन्द्रमा वृषभ राशि में उच्च का हो तो शुभ फल देता है और यदि यह वृश्चिक राशि में नीच का हो तो अशुभ फल देने लगता है.

मंगल
मंगल का प्रभाव शरीर में आंखों और रक्त पर पड़ता है. यदि आपकी राशि में मंगल शुभ नहीं है तो आपको आंखों, रक्त और गले से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं.

बुद्ध
बुद्ध ग्रह का प्रभाव मानव शरीर के पाचन तंत्र, वायु तंत्र, दांत और आवाज पर पड़ता है. बुद्ध ग्रह मिथुन और कन्या राशि का अधिपति ग्रह है. कन्या राशि में उच्च का होने पर यह शुभ होता है और मीन में नीच का होने पर बुरे प्रभाव देता है.

गुरु
इस ग्रह का प्रभाव मानव शरीर में नाक और शरीर के वायु तंत्र पर पड़ता है. इसके प्रभाव से पित्त और चर्बी से संबंधित रोग हो सकते हैं. कर्क राशि में उच्च का होने पर यह शुभ प्रभाव देता है लेकिन मकर राशि में नीच का होने पर बुरे प्रभाव देने लगता है.

शुक्र
शुक्र ग्रह मानव शरीर के गुप्तांगों और त्वचा पर प्रभाव डालता है. इस ग्रह के शुभ होने पर यह अपने जातक को आकर्षक और जननायक बनाता है. मीन राशि में नीच का होने से यह शुभ फल देता है लेकिन कन्या राशि में नीच का होने से अशुभ फल प्रदान करता है.

शनि
शनि ग्रह का प्रभाव मानव के शरीर की हड्डियों और नाभि पर पड़ता है. इसके अलावा शनि घुटनों, ऐड़ी, कफ और स्नायु तंत्र को भी प्रभावित करता है. शनि ग्रह का मेष राशि में नीच का होना अशुभ होता है, लेकिन तुला राशि में उच्च का शुभ फल मिलता है.

राहु
ज्योतिष शास्त्र में राहु को अशुभ ग्रह माना जाता है. इस ग्रह का प्रभाव सर के एक हिस्से में, अंतड़ियों में और मुख में पड़ता है. राहु, मिथुन राशि में उच्च का हो तो शुभ फल देता है लेकिन धनु राशि में नीच का राहु अशुभता लाता है.

यह भी पढ़ें – Shukra Upay: कुंडली में शुक्र की अशुभ स्थिति से हैं परेशान, करें ये आसान उपाय

केतु
केतु ग्रह का प्रभाव गले से लेकर दिल तक पड़ता है. इस ग्रह के किसी की कुंडली में ख़राब अवस्था में होने से यह जातक को पैरों की समस्या से ग्रसित करता है. धनु राशि में उच्च का केतु शुभ फल देता है और मिथुन राशि में नीच का केतु अशुभ फल प्रदान करता है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Predictions, Religion



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here