लंपी बीमारी से गायों को बचाने में जुटे लोग, दौसा में बने अस्थायी गौशाला में ग्रामीण कर रहे गायों की सेवा

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रिपोर्ट: पुष्पेंद्र मीणा

दौसा. लंपी बीमारी पूरे राजस्थान में पैर पसारती जा रही है. इसका प्रकोप गोवंश पर भी दिखाई दे रहा है. लेकिन दौसा जिले के बांदीकुई कस्बे के लोगों ने कुछ अलग ही करने का मन बना लिया. अब कस्बे के लोग गोवंश में फैल रही लंपी बीमारी का अपने स्तर पर ही इलाज कर रहे हैं. यहां जब से लंपी बीमारी ने दस्तक दी है, तभी से गोवंश को बचाने में स्थानीय लोग जुट गए हैं. समय रहते उपाय करने का नतीजा भी सामने आया कि लंपी ने 5-6 गायों को निशाना बनाया, जबकि राजस्थान के अन्य जिलों में लंपी से गायों की मौत का आंकड़ा काफी बड़ा है.

दरअसल स्थानीय लोगों ने बांदीकुई में सैन समाज की बगीची में अस्थायी गौशाला संचालित किया है. यहां लंपी से ग्रसित गायों को लाकर इलाज किया जा रहा है. यहां प्रतिदिन डॉक्टरों आकर बीमार गायों का इलाज कर रहे हैं. बता दें कि गायों में लंपी बीमारी के शुरू होने के बाद से ही कस्बे में गौशाला संचालित कर दी गई और तभी से कस्बे के लोग सुबह-शाम गौशाला में पहुंचते हैं और गायों की सेवा करते हैं. यहां पर गायों को कस्बे के लोग चारा डालते हैं, उनका इलाज करते हैं.

घायल गायों का भी हो रहा इलाज

घायल गायों को भी इस गौशाला में लाया जाता है और उनका भी डॉक्टरों के द्वारा और लोगों के द्वारा इलाज किया जाता है जब तक वह गाय ठीक नहीं होती तब तक उसका इलाज जारी रहता है.

इनका यह कहना

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हिंदू धर्म में गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होना बताया गया है. हम गाय को माता के रूप में पूजते हैं. ऐसे में लंपी स्किन बीमारी के दौरान गौसेवा करके हम संदेश देना चाहते हैं कि यह ऐसी बीमारी नहीं जो लाइलाज हो. गायों का इलाज और उनकी सेवा करके लंपी जैसी बीमारियों को आसानी से पराजित किया जा सकता है.

Tags: Dausa news, Lumpi virus, Rajasthan news



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