यूपीः 19 साल पुराने मामले में माफिया मुख्तार अंसारी दोषी करार, 7 साल की सजा सुनाई

0
26


हाइलाइट्स

माफिया मुख्तार अंसारी पर प्रयागराज एमपी और एमएलए कोर्ट में 10 मुकदमों का ट्रायल चल रहा है.
उत्तर प्रदेश में जब सपा-बसपा सरकार रही तो मुख्तार का काफी दबदबा रहा.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के माफिया मुख्तार अंसारी को हाईकोर्ट ने 49 साल पुराने मामले में 7 साल की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोषी करार दिए अंसारी पर 25 हजार रुपये जुर्मान भी ठोका है. बता दें कि जेल में तलाशी के दौरान मुख्यार अंसाली ने जेलर को धमकी दी थी. इस दौरान जेलर पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अंसारी पर केस दर्ज किया गया था. अब हाईकोर्ट ने उसे दोषी करार दिया है.

माफिया मुख्तार अंसारी पर प्रयागराज एमपी और एमएलए कोर्ट में 10 मुकदमों का ट्रायल चल रहा है. इसके अलावा, मुख्तार पर सबसे बड़ा मुकदमा मऊ में ठेकेदार की हत्या का है. मुख्तार पर वाराणसी में अजय राय के भाई के हत्या का आरोप है. वहीं, नंद किशोर रूंगटा अपहरण व हत्याकांड, विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड,जेल अधीक्षक आरके तिवारी हत्याकांड जैसे गंभीर मामलों में भी अंसारी आरोपी है. वर्ष 1978,1986,1988, 1990 और 1992 में ये हत्याएं की गई थी. आजमगढ़ और गाजीपुर में दर्ज मुकदमे को लेकर भी ट्रायल जारी है.

सपा-बसपा सरकार में रहा मुख्तार का जलवा
उत्तर प्रदेश में जब सपा-बसपा सरकार रही तो मुख्तार का काफी दबदबा रहा. अंसारी की आपराधिक छवि को कम करने के लिए वह 1995 में राजनीति में उतरा और 1996 में पहली बार बसपा के टिकट पर मऊ सदर विधानसभा का चुनाव जीता. इसके बाद अंसारी ने 2002 और 2007 में निर्दलीय चुनाव जीता और मुलायम का करीबी बन गया. 2007 में मायावती के सत्ता में आते ही वह फिर बसपा में शामिल हो गया. 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने मुख्तार को मुरली मनोहर जोशी के मुकाबले में वाराणसी से उतारा था. मायावती ने एक जनसभा में मुख्तार को रॉबिनहुड कहा था लेकिन 2010 में मायावती ने अंसारी बंधुओं से फिर किनारा कर लिया. 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्तार ने कौमी एकता दल के नाम से अपनी पार्टी बनाई और मऊ सदर सीट से चुनाव जीता.

527 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर सरकार का शिकंजा
मुख्तार अंसारी की 527 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर सरकार ने शिकंजा कसा है. सरकार ने गैंगस्टर एक्ट के तहत माफिया और उसके करीबियों की 246 करोड़ 65 लाख 90 हजार 939 रुपये की संपत्तियां जब्त की है. अवैध कब्जे से करीब 281 करोड़ की संपत्तियां या तो मुक्त कराई गई हैं या ध्वस्त कर दी गई है. पूरे देश में मुख्तार पर कुल 59 मामले दर्ज हैं, इसमें से 20 मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं. गैंग का ठेका, टेंडर और अवैध व्यवसाय पर शिकंजा कसकर मुख्तार को सरकार ने 212 करोड़ की चोट पहुंचाई है.

Tags: Action on Mukhtar Ansari gang, Up news live, UP Police Alert

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here