बाघों का कुनबा बढ़ानेवाली ‘मछली’ के योगदान को भूल चुका है राजस्थान का वन विभाग, जानें मामला

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हाइलाइट्स

मछली की याद में आमा घाटी को टाइगर टूरिज्म और कंजर्वेशन क्षेत्र में विकसित करने की योजना बनाई गई थी.
वन मंत्री रहे गजेन्द्र सिंह ने मछली के अंतिम संस्कार वाली जगह पर खूबसूरत स्मारक बनाने की घोषणा की थी.
रणथंभौर के DFO संग्राम सिंह ने कहा कि मामला याद दिलाया गया है. स्मारक के लिए सरकार को लिखा जाएगा.

रिपोर्ट: गजानंद शर्मा

सवाई माधोपुर. रणथंभौर नेशनल पार्क की क्वीन बाघिन ‘मछली’ 6 साल पहले दुनिया से विदा हो गई थी. 18 अगस्त 2016 को दुनिया से विदा हुई बाघिन मछली का वन विभाग ने पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया था. मछली की याद में आमा घाटी को टाइगर टूरिज्म और कंजर्वेशन क्षेत्र में विकसित करने की योजना बनाई गई थी. यहां भाजपा सरकार में वन मंत्री रहे गजेन्द्र सिंह ने मछली के अंतिम संस्कार वाले स्थान पर एक खूबसूरत स्मारक बनाने की घोषणा भी की थी, लेकिन सरकार जाने के साथ यह प्रस्तावित स्मारक भी फाइलों में अटक गया है.

रणथम्भौर के अधिकारियों ने बाघिन मछली को भले ही भुला दिया हो, लेकिन वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) के लिए मछली बहुत महत्त्व रखती है. WWF ने बाघिन मछली की मौत के बाद एक अवॉर्ड देने की घोषणा की थी, जिसमें एक लाख रुपए राशि के साथ प्रमाण पत्र दिया जाता है. मछली की याद में भारत सरकार ने भी डाक टिकट जारी किया था. बाघिन मछली को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिल चुका है. बाघिन मछली के नाम दुनिया में सबसे ज्यादा किसी बाघ बाघिन के फोटो कैप्चर करने का रिकार्ड भी है.

वाइल्ड लाइफ बोर्ड राजस्थान व वन्यजीव विशेषज्ञ के मेंबर धीरेंद्र गोधा ने बताया कि राजस्थान में बाघों के कुनबे को बढ़ाने में मछली का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है. राजस्थान के सभी टाइगर रिजर्व में मछली के ही वंशज हैं. रणथम्भौर में 60 प्रतिशत बाघ-बाघिन इसके वंश के हैं. इसके स्मारक को बनवाने के प्रयास किए जा रहे हैं. वाइल्ड लाइफ बोर्ड में मछली का स्मारक बनाने के साथ ही सरकार अन्य सभी जगह उचित जगह यह मामला प्रकाश में लाया जाएगा. जबकि मामले में रणथंभौर के डीएफओ संग्राम सिंह का कहना है कि मामला पुराना है. मामला न्यूज 18 लोकल की ओर से संज्ञान में लाया गया है. स्मारक बनवाने के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा.

Tags: Rajasthan news, Ranthambore tiger reserve, Sawai madhopur news, Wild life



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