फिल्म ‘कागज’ के ‘भरत लाल’ की कहानी उत्तराखंड में बनी हकीकत, 11 साल से जिंदा होने की लड़ाई लड़ रहा यह शख्स

0
16


हल्द्वानी. आपने जनवरी 2021 में आई बॉलीवुड फिल्म ‘कागज’ देखी होगी. यह फिल्म उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के एक गांव की पृष्ठभूमि पर थी. इस गांव के रहने वाले एक शख्स लाल बिहारी को सरकारी कर्मचारियों ने दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया था. लाल बिहारी ने सरकारी दस्तावेजों में खुद को जिंदा साबित करने के लिए 18 साल तक लंबा संघर्ष कियाण्.असल जिंदगी में बुनकर का काम करने वाले लाल बिहारी का किरदार फिल्म कागज में अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने निभाया. लाल बिहारी का फिल्म में नाम भारत लाल है. लालबिहारी जैसी ही कहानी एक बार फिर सामने आई है. इस बार सिर्फ जगह और किरदार का नाम बदला है, कहानी लालबिहारी वाली ही है.

यह कहानी है उत्तराखंड के नैनीताल जिले की बेतालघाट तहसील से. यहां के हरिकृष्ण बुधलाकोटी को सरकारी दस्तावेजों में साल 1980 में मृत घोषित किया जा चुका है. बुधलाकोटी का बाकायदा मृत सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया. यही नहीं बुधलाकोटी की पंगूल इलाके में मौजूद तीन नाली जमीन को भी साल 2011 में बेच दिया गया. इस बात का खुलासा तब हुआ, जब बुधलाकोटी अपनी पुश्तैनी जमीन अपने नाम कराने पहुंचे. तब उन्हें पता लगा कि वो कागजों में साल 1980 में ही मर चुके हैं और उन्हें मृत घोषित कर उनकी तीन नाली जमीन बेच दी गई है.

अफसरों पर भूमाफियाओं से मिलीभगत का आरोप

हरिकृष्ण बुधलाकोटी का आरोप है कि उनकी जमीन भू माफियाओं और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से बेची गई है. हरिकृष्ण कभी बेतालघाट तहसील तो कभी एसडीएम कोश्याकुटौली, कभी डीएम नैनीताल तो कभी कुमाऊं कमिश्नर के दफ्तर के चक्कर लगा.लगाकर परेशान हैं और कह रहे हैं साहब मैं जिंदा हूंए मुझे न्याय दिला दीजिएण् उनका आरोप है कि तहसीलदार उनकी सुनवाई ही नहीं करते. अब यह मामला कुमाऊं मंडल के कमिश्नर दीपक रावत के पास पहुंचा है.

गंभीर मामला है, जांच कराएंगे

कमिश्नर रावत जब हल्द्वानी में अपने कैंप ऑफिस में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे तब यह हैरान करने वाला मामला उनके सामने पहुंचा. जब बुधलाकोटि ने अपनी समस्या बताई तो रावत भी सुनकर हैरान रह गए. रावत ने जांच का आश्वासन देकर कहा है कि यह गंभीर मामला है इसकी जांच कराएंगे.

Tags: Uttarakhand news



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here