प्रभु राम को लेकर लड़की ने सुधांशु त्रिवेदी से पूछा सवाल, उत्तर ने सबको चौंकाया | Govind Tiwary

श्रीराम को जानने का सही तरीका

नमस्कार! मेरा नाम शिखा मिश्रा है। हम युवा पीढ़ी के लिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए श्रीराम और सनातन धर्म की अलग ही परिभाषा बताना चाहते हैं। हमें यह जानना है कि हमें श्रीराम को कैसे सही तरीके से जानना चाहिए।

मूवीज और धार्म

हमारे दिमाग में फिल्मों से जुड़ी कई गलत धारणाएं हैं। फिल्मों में हमें टीका, कंठी माला, धोती, कुर्ता आदि पहने व्यक्ति को ही योग्य धार्मिक व्यक्ति माना जाता है। इसके अलावा धर्माचार्य और प्रोफेसरों का चलता है, छात्र बेवकूफ होते हैं और चोरी करने वाले व्यक्ति को उदार माना जाता है। बिजनेसमेन व नौकरी करने वाले लोगों को बेवकूफ और पिछड़ता दिखाया जाता है। ये सभी धारणाएं गलत हैं और हमें इन्हें दूर करना चाहिए।

फिल्मों में मजाक का पार्ट

फिल्मों में हमें अमिताभ बच्चन जी की फिल्म “शडयंत्र” याद आती है, जहां एक सरदार जी का पार्ट होता है। ये शडयंत्र एक लेटेस्ट एजेंडा है और इसे फिल्मों में बहुत बड़े करीने से पेश किया गया है। इसमें मौलवी और ईवन आतंकवाद वाली फिल्मों में भी इन लोगों को सही करेक्टर रोल में दिखाया जाता है। हमारे दिमाग में इन सभी बातों ने असर किया है और हमें इन्हें दूर करना चाहिए।

 

प्रभु राम को लेकर लड़की ने सुधांशु त्रिवेदी से पूछा सवाल, उत्तर ने सबको चौंकाया
प्रभु राम को लेकर लड़की ने सुधांशु त्रिवेदी से पूछा सवाल, उत्तर ने सबको चौंकाया

ग्रहों का प्रभाव

शनि एक ऐसा ग्रह है जिसका ढाई साल का रोटेशन होता है। जब तक शनि की सातवीं राशि में होता है, तब तक उसका प्रभाव आस पास की राशियों पर होता है। इस तरीके से अमिताभ बच्चन जी की फिल्म “शडयंत्र” में भी शनि का प्रभाव दिखाया जाता है। हमें यह समझना चाहिए कि ग्रहों का प्रभाव सच होता है और हमें ये बातें अपने दिमाग में न भरनी चाहिए।

देश की विरासत पर गर्व

हमें अपनी विरासत पर गर्व करना चाहिए। हम कह सकते हैं कि स्वप्न सब साकार हो गए हैं और हमें अपने अस्मिता पर और अपनी प्रकृति पर गर्व करना चाहिए।

नया भारत

मोदी जी ने आजादी के 5 प्राणों के अंतर्गत भारत को विकसित राष्ट्र बनाने, गुलामी की मानसिकता से छुटकारा पाने और अपनी विरासत पर गर्व करने का संकल्प लिया है। हमें गुलामी की इस मानसिकता से बहार निकलना चाहिए ताकि हम नये भारत की ओर बढ़ सकें। quickarea.in

समाप्ति

युवा पीढ़ी को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि हमारी सभ्यता सबसे उदार है और हमें इस षडयंत्र को बहार निकालना चाहिए। आजादी के नये भारत की ओर बढ़ने का संकल्प लें हमेशा।

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