नैनीताल के इस गांव में 50 साल से नहीं बनी सड़क, मरीजों को डोली पर ले जाना मजबूरी

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हिमांशु जोशी

नैनीताल. उत्तराखंड के नैनीताल जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित खुर्पाताल की ग्राम सभा गहलना के ग्रामीण आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं. सड़क नहीं होने की वजह से बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को लाने ले जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है. मरीजों को ले जाने के लिए 3 से 4 किलोमीटर का पैदल रास्ता मजबूरन डोली में तय करना पड़ता है, जो काफी कठिन भी होता है.

गहलना गांव के ग्रामीण ललित मेहरा ने न्यूज़ 18 लोकल से बात करते हुए बताया कि यहां सड़क की समस्या करीब 50 वर्षों से है. कई बार मरीज अस्पताल पहुंचने के दौरान ही दम तोड़ देते हैं. उन्होंने बताया कि साल 2020 के अक्टूबर महीने में एक ग्रामीण मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन सड़क सही नहीं होने से समय काफी ज्यादा लग गया और रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई.

बीते सोमवार यानी 1 अगस्त को ग्राम प्रधान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड में ज्ञापन सौंपा और सड़क को मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग की. उन्होंने बताया कि सड़क नहीं होने से अक्सर दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. बारिश के दौरान भी यहां समस्या बढ़ जाती है. बुजुर्गों को डोली या कुर्सी का सहारा लेकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है.

पीडब्‍ल्‍यूडी के सहायक अभियंता गोविंद सिंह जनौटी ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए काफी समय से कोशिश की जा रही थी. साल 2016 में इस सड़क के बनने की पहली स्वीकृति आ गई थी, जिसके बाद रूपरेखा तैयार की गई और लगभग एक वर्ष के बाद उसको पास किया गया. इसको लेकर सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर दी गई थी. हालांकि इस संबंध में वन विभाग की टीम से उस क्षेत्र में मौजूद पेड़ों की गिनती करने के लिए अनुरोध किया गया है. जैसे ही वन विभाग की तरफ से स्वीकृति मिलती है, आगे की कार्रवाई भी जल्द ही शुरू कर दी जाएगी.

Tags: Nainital news



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