जानें क्या है अंगारक योग? 37 साल बाद इन राशि के जातकों को मिलेगी राहत

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हाइलाइट्स

मंगल ग्रह बीते कुछ दिनों पहले मेष राशि में प्रवेश कर चुका है.
मेष राशि में मंगल और राहु ग्रह मिलकर अंगारक योग का निर्माण करते हैं.

ज्योतिष शास्त्र में ऐसा बताया गया है कि जब दो या दो से अधिक ग्रह किसी एक ही राशि में होते हैं, या किसी अन्य राशि से किसी दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं. तो ऐसे में बनने वाले योग को युति योग कहा जाता है. कई बार ऐसा होता है कि कुछ योग व्यक्ति को बहुत अधिक फायदा पहुंचाते हैं और कुछ लोग सामान्य रूप से अपना असर दिखा कर कुछ समय बाद खत्म हो जाते हैं. इसी कड़ी में आज हमें भोपाल के रहने वाले ज्योतिषी एवं पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा अंगारक योग (Angarak Yog) के बारे में बता रहे हैं कि आखिर क्या है अंगारक योग और ये कैसे बनता है?

कैसे बनता है अंगारक योग
मंगल ग्रह बीते कुछ दिनों पहले मेष राशि में प्रवेश कर चुके हैं और मेष राशि में पहले से ही राहु विराजमान है. ऐसे में मेष राशि में मंगल और राहु ग्रह मिलकर अंगारक योग का निर्माण कर रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि अंगारक योग एक अशुभ योग है. यह योग 37 सालों के बाद बना है.

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-गृह राशि में होते है ताकतवर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि कोई ग्रह अपनी स्वयं की राशि में होता है तो उस समय वह सबसे ज्यादा ताकतवर माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि मेष राशि के स्वामी मंगल ग्रह हैं और मंगल ग्रह में पहले से राहु के होने से अंगारक योग बन रहा है.

ऐसे में अंगारक योग कुछ राशियों के लिए बहुत मुश्किलें पैदा कर सकता है, लेकिन कुछ राशियों को इससे राहत भी मिलती है. 37 सालों के बाद बनने वाले इस अंगारक योग में वृषभ सिंह और तुला राशि के लोगों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.


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– कब ख़त्म हुआ अंगारक योग
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक 10 अगस्त सन 2022 को मंगल ग्रह अपनी स्वराशि में से निकलकर वृषभ राशि में जा चुके हैं. जिसके चलते राहु के साथ मंगल की युति खत्म हो गई, इसलिए मेष राशि में 37 सालों के बाद बना अंगारक योग भी स्वत: ही खत्म हो गया. जिसके कारण वृषभ, सिंह और तुला राशि में अंगारक योग का प्रभाव भी अपने आप ख़त्म हो गया

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion



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