जज उत्तम आनंद के परिजन कोर्ट के फैसले से नाखुश, आरोपियों के लिए चाहते थे फांसी की सजा

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रिपोर्ट- संजय गुप्ता

धनबाद. धनबाद जज उत्तम आनन्द हत्या मामले में आज सीबीआई की विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों लखन वर्मा और राहुल वर्मा को ताउम्र कैद और 25 हजार रुपये जुर्माना सुनाया. इस मामले में 1 वर्ष 9 दिन में कोर्ट का फैसला आ गया. हालांकि कोर्ट के फैसले से जज के परिवारवाले रिश्तेदार संतुष्ट नहीं हैं. दोनों तरफ से मामले को ऊपरी अदालत में ले जाने की बात कही गई.

अधिवक्ता राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि जज उत्तम आनन्द हत्या मामले में आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. दोनों को ताउम्र जेल में रहना होगा. 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है.

कोर्ट के फैसले पर आरोपियों के वकील कुमार बिमलेंदु ने कहा है कि वो फैसले से संतुष्ट नहीं हैं. यह मामला hit-and-run का था. जज को जानबूझकर नहीं मारा गया. लेकिन इसे 302, 201 धारा का रूप दिया गया. फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी.

जज उत्तम आनंद के रिश्तेदार विशाल आनंद ने कहा कि यह जुडिशियरी पर हमला है. इसलिए आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए. कोर्ट के फैसले के खिलाफ वे लोग भी ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.

बता दें कि 28 जुलाई 2021 को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के समीप मॉर्निंग वॉक के दौरान तेज रफ्तार ऑटो ने जज उत्तम आनंद को पीछे से धक्का मार दिया था. जिसके बाद घायल हालत में जज को अस्पताल ले जाया गया. जहां उनकी मौत हो गई. जिसके बाद धनबाद पुलिस हरकत में आई और दोनों आरोपियों राहुल वर्मा और लखन वर्मा को गिरफ्तार किया. ऑटो को भी जब्त किया गया.

जज मौत मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी. जिसके बाद राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की अनुसंशा कर दी. 4 अगस्त 2021 को सीबीआई ने जांच शुरू की. 29 जनवरी को जांच पूरी कर ली. सीबीआई कोर्ट ने जज की पहली बरसी पर 28 जुलाई को आरोपियों को दोषी करार दिया. आज फैसला सुनाया गया.

Tags: Dhanbad judge murder case, Dhanbad news, Jharkhand news, Uttam anand



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