खुशखबरी! मुंगेर में 17 कॉलेजों के छात्रों को हो जाएगी बड़ी सहूलियत, जानिए क्या है मामला

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रिपोर्ट. सिद्धांत राज

मुंगेर. पीजी के लिए अलग से क्लासरूम नहीं हैं, अपना डिपार्टमेंट नहीं है, लैब का टोटा है और प्रशासनिक कामकाज भी न जाने कैसे हो पाता है और इस तरह मुंगेर का विश्वविद्यालय चल रहा है. बगैर अपने भवन के साढ़े चार साल से एक काॅलेज के एक छोटे से हिस्से में पूरी यूनिवर्सिटी चल रही है. कुलपति तक परेशान हैं कि विश्वविद्यालय की रूपरेखा ऐसी होती है! लेकिन अब एक अच्छी खबर है कि साढ़े चार साल बाद ही सही कम से कम ज़मीन देख ली गई है कि कहां यूनिवर्सिटी भवन बने. हालांकि अभी ये ज़मीन मिलने और भवन बनकर तैयार होने की राह बहुत लंबी है.

मुंगेर विश्वविद्यालय की स्थापना 18 मार्च 2018 को हुई थी. इसके अंतर्गत 17 कॉलेज हैं. अव्यवस्थाओं के बीच विश्वविद्यालय का प्रशासनिक काम और पठन पाठन हो पाता है कयोंकि विवि का सारा काम मुंगेर के आरडी एंड डीजे कॉलेज के परीक्षा भवन से चल रहा है. और यह तो आप जानते ही हैं कि विश्वविद्यालय का काम इतना होता है कि एक छोटे से भवन में कैसे समेटा जा सकता है! स्थापना के बाद से ही इसके प्रशासनिक भवन सहित स्नातकोत्तर विभाग के निर्माण के लिए ज़मीन की खोज की जा रही है.

कुलपति नाराज़ भी, आश्वस्त भी

मुंगेर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोण् श्यामा राय ने इस समस्या पर मायूसी जाहिर करते हुए कहा हम काफी दिक्कत में हैं क्योंकि न हमारे पास अपने डिपार्टमेंट्स हैं और न ही अपना भवन. आगे उन्होंने कहा विश्वविद्यालय को मूर्त रूप देना बहुत जरूरी है ताकि विश्वविद्यालय का रूप और उद्देश्य उभरकर सामने आए.

डॉ. श्यामा राय ने यह भी बताया ‘हमने मुंगेर विश्वविद्यालय के निर्माण हेतु इंदरुख में लगभग 45 एकड़ ज़मीन देखी है. किसानों की सहमति लेकर हमने डीएम को भी पत्र सौंपा है और राज्य सरकार को भी. आश्वासन मिला है कि ज़मीन निरीक्षण के लिए टीम आएगी. अधिग्रहण की प्राक्रिया पूरी होने के बाद हमें भूमि आवंटित कर दी जाएगी.’

Tags: Munger news, University



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