आम के आम गुठलियों के दाम: योगी सरकार का प्लान- प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और आवारा पशुओं से छुटकारा

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हाइलाइट्स

फार्मर फील्ड स्कूल किसान के खेतों में ही खोले जाएंगे. वहीं कृषि विशेषज्ञ उन्हें प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग देंगे.
एक क्लस्टर में 50 हेक्टेयर के चयनित किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी. बुआई सीजन में 14 हफ्ते का प्रशिक्षण भी.
किसानों को गौ आधारित प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए 470 क्लस्टर तैयार किए जाएंगे. किट भी दी जाएगी.
7 जिलों में ट्रेनिंग की इस योजना पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 5 बरस में लगभग 68 करोड़ रुपए खर्च करेगी.

रिपोर्ट: शाश्वत सिंह

झांसी. झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड में योगी सरकार की योजना अगर कारगर हुई तो आप कहेंगे कि आम के आम मिले, गुठलियों के दाम भी मिले. बता दें कि झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड में सबसे बड़ी समस्या अन्ना पशुओं की है. पशुपालक अपने पालतू पशुओं को सड़क पर छोड़ देते हैं. इस समस्या को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक नया तरीका ला रही है. गोवंश को संरक्षण देने व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए फार्मर फील्ड स्कूल स्थापित किए जाने की योजना है.

बता दें कि झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा लंबे समय से चली आ रही है. इसके तहत किसान या पशुपालक अपने पालतू जानवरों को खुला छोड़ देते हैं. इन जानवरों में अधिकतर गायें होती हैं. इसका कारण यह है कि किसानों के पास अपनी गायों को खिलाने के लिए पर्याप्त चारा नहीं होता. तो वे अपनी गायों को छोड़ देते हैं ताकि वह अपने चारे की व्यवस्था खुद कर लें. फिलहाल यह समस्या ज्यादा बड़ी हो गई है. अन्ना पशु जिन्हें आवारा जानवर भी कहा जाता है, सड़कों पर आ जाते हैं, जिनकी वजह से कई बार एक्सिडेंट भी होते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वादा

इस समस्या का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान अपने एक भाषण में भी किया था. उन्होंने अन्ना पशुओं की समस्या को कम करने का वायदा किया था. इस वायदे को पूरा करने के लिए ही योगी सरकार गौ आधारित प्राकृतिक खेती शुरू करने जा रही है. इसमें किसानों को सिखाया जाएगा कि कैसे वे गाय के गोबर और गौमूत्र से खाद और उर्वरक बना सकते हैं. इससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा. झांसी समेत बुंदेलखंड के सभी 7 जिलों में किसानों को गौ आधारित प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए 470 क्लस्टर तैयार किए जाएंगे. इनमें अगले 5 सालों तक क्रमबद्ध तरीके से किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें किट भी दी जाएगी.

खेत ही होंगे स्कूल

गोवंश पर आधारित प्राकृतिक खेती सिखाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यहीं फार्मर फील्ड स्कूल होगा. किसान के खेत पर ही जाकर कृषि विशेषज्ञ उन्हें प्राकृतिक खेती के बारे में बताएंगे. एक क्लस्टर में 50 हेक्टेयर के चयनित किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. उन्हें बुआई सीजन में 14 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया जाएगा. विशेषज्ञ के तौर पर कृषि शोध संस्थानों और विश्वविद्यालयों से जुड़े लोग किसानों को प्रशिक्षण देंगे.

प्राकृतिक खेती संग गोवंश को बढ़ावा

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए झांसी में 80, जालौन में 90, ललितपुर में 60, चित्रकूट में 50, बांदा में 80, हमीरपुर में 70 और महोबा में 40 क्लस्टर बनाए जाएंगे. इस योजना पर 5 वर्ष में 68 करोड़ रुपए खर्च किए जाएगे. इस योजना से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही गोवंश संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा.

Tags: Farming, Jhansi news, Yogi government

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